दो सात लाईनां (अविनाश वाचस्पति)
>> बुधवार, १ अप्रैल २००९
गंगा में
नहाने से
कट जाते हैं
सारे पाप
तो क्यों नहीं
अपराधियों को
डुबकी लगवाते हैं जनाब।
...
पीने का पानी
मिल रहा है
दूध की कीमत में
और उसे खरीदकर
पी रहे हैं हम
पर दूध पीने पर
नाक-भौं सिकोड़ रहे हैं हम।

