ताकत आप हैं

अंगूठा हूं मैं एक / ऊंगलियां चार / मिले सब हथेली हो गई तैयार / दसों से करता हूं कीबोर्ड पर वार / कीबोर्ड ही है अब मेरे लिखने का हथियार जब बांध लिया तो बन गया मुक्‍का / सकल जग की ताकत है अब चिट्ठा।

दो सात लाईनां (अविनाश वाचस्‍पति)

>> बुधवार, १ अप्रैल २००९

गंगा में
नहाने से
कट जाते हैं
सारे पाप
तो क्यों नहीं
अपराधियों को
डुबकी लगवाते हैं जनाब।

...

पीने का पानी
मिल रहा है
दूध की कीमत में
और उसे खरीदकर
पी रहे हैं हम
पर दूध पीने पर
नाक-भौं सिकोड़ रहे हैं हम।

Read more...
Text selection Lock by Hindi Blog Tips

  © Blogger template Shiny by Ourblogtemplates.com 2008

Back to TOP