ताकत आप हैं

अंगूठा हूं मैं एक / ऊंगलियां चार / मिले सब हथेली हो गई तैयार / दसों से करता हूं कीबोर्ड पर वार / कीबोर्ड ही है अब मेरे लिखने का हथियार जब बांध लिया तो बन गया मुक्‍का / सकल जग की ताकत है अब चिट्ठा।

प्रथम हरियाणा अंतरराष्‍ट्रीय फिल्‍म समारोह का आयोजन कर यमुनानगर ने इतिहास रच डाला

>> सोमवार, २९ दिसम्बर २००८




आखिर हरियाणा के यमुनानगर शहर के डीएवी गर्ल्‍स कॉलेज ने प्रथम हरियाणा अंतरराष्‍ट्रीय फिल्‍म समारोह का आयोजन कर एक इतिहास रच ही डाला। वर्ष 2008 जिन उपलब्धियों के लिए पहचाना जाएगा, उनमें हरियाणा का नाम अपने शहर में अंतरराष्‍ट्रीय फिल्‍म समारोह के सफल आयोजन से जुड़ गया है। यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है, इसके आयोजकों ने भी नहीं सोचा होगा कि वे इस आयोजन को करके एक इतिहास ही रच डालेंगे और उनके राज्‍य और शहर को विश्‍व के चुनिंदा शहरों और समारोहों के समकक्ष ला खड़ा करेंगे। यहां यह भी कहना चाहिए कि मेहमानों की आवभगत में भी इस समारोह ने अन्‍य सभी अंतरराष्‍ट्रीय समारोहों से बाजी मार ली है। इसके लिए समारोह निदेशक एवं प्रख्‍यात सिने एवं नाटक समीक्षक श्री अजित राय और डीएवी गर्ल्‍स कॉलेज, यमुनानगर की प्राचार्य और उनकी टीम को यह श्रेय जाता है।

समापन समारोह के अवसर पर सुप्रसिद्ध फिल्मकार एवं नाट्य निर्देशक फिरोज अब्बास खान ने कहा है कि सिनेमा समाज में हमेशा यथास्थिति को चुनौती देता रहा है। वह हमेशा प्रतिरोध की आवाज है। दुनिया की कोई फिल्म घृणा करना नहीं सिखाती। श्री खान डी.ए.वी. कॉलेज फॉर गर्ल्स,यमुना नगर में प्रथम हरियाणा अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।

इस अवसर पर फिरोज खान ने एक ऐसी प्रशिक्षण प्रक्रिया की शुरुआत करने की घोषणा की जहां दो महीने के लिए देश भर से चुने हुए प्रतिभाशाली युवाओं को फिल्म और नाटक में अभिनय करने का अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें कुछ भी खर्च नहीं करना पड़ेगा। इस तरह उन प्रशिक्षित युवाओं को अच्छी फिल्मों और नाटकों में समुचित पारिश्रमिक पर काम करने का अवसर मिलेगा। फिरोज खान ने कहा कि समारोह के निदेशक अजित राय और कुछ अन्य दोस्तों के साथ मिलकर जल्द ही इस परियोजना की शुरुआत की जाएगी।


उन्होंने युवा पीढ़ी के लिए फिल्म एप्रिसिएशन कोर्स की जरूरत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे वे सिनेमा के केवल उपभोक्ता नहीं बनेंगे, उसके संदेशवाहक बनेंगे। उन्होंने युवकों से आह्वान किया कि जो कुछ यहां से वे सीखकर ले जा रहे हैं, उसे और लोगों के साथ बांटें। उन्होंने अपने अपने घरों में वीकेंड फिल्म क्लब स्थापित करने का सुझाव दिया। और कहा कि युवा अपने चार-पांच दोस्तों को किसी के घर बुलाएं और एक अच्छी फिल्म देखते हुए सप्ताहांत मनाएं।

फिरोज खान ने प्रथम हरियाणा अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि अगले वर्ष ऐसी व्यवस्था हो कि इस इलाके में जो भी फिल्म प्रेमी अच्छा सिनेमा देखना चाहता है उसे इसका अवसर प्रदान किया जाए। जब तक लोग अच्छा सिनेमा देखेंगे नहीं, तब तक अच्छा सिनेमा बनाने को प्रोत्साहित नहीं किया जा सकेगा। उन्होंने कर्नाटक के निनासम गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां ग्रामीण जनता विश्वस्तर का सिनेमा देखती है और अपनी राय देती है। उन्होंने कहा कि आज का बॉलीवुड सिनेमा एक जंक फूड की तरह हो गया है, जिसे हम इस्तेमाल करके फेंक देते हैं। वह हमारी सेहत को खराब कर रहा है।

वरिष्ठ फिल्म एवं कला समीक्षक विनोद भारद्वाज ने फिल्म समारोह की सफलता पर आयोजकों को बधाई देते हुए सुझाव दिया कि जैसे फ्रांस की सरकार फ्रांस के बाहर फ्रेंच संस्कृति के लिए काम करने वालों को राष्ट्रीय सम्मान ऑर्डर ऑफ मेरिट देती है, उसी तरह हरियाणा सरकार को अजित राय को इस तरह का सम्मान देने पर विचार करना होगा। उन्होंने दुनिया भर में अपनी यात्राओं के दौरान हुए अनुभवों को बताते हुए कहा कि महिलाएं सबसे अच्छी तरह से सांस्कृतिक प्रशासन चला सकती हैं। इसका प्रमाण इस कॉलेज की प्रिंसिपल एवं उनकी टीम है।

मुंबई से आए फिल्म समीक्षक अजय ब्रह्मात्मज ने कहा कि ऐसे फिल्म समारोह और कोर्स उत्तर भारत में हर राज्य में होने चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि फिल्म निर्माण में मुंबई का जो एकाधिकार और वर्चस्व स्थापित हो गया है, उसे तोड़ने के लिए जरूरी है कि उत्तर भारत से ज्यादा से ज्यादा लोग फिल्म निर्माण एवं फिल्म उद्योग से जुड़ें।

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर भीमसिंह दहिया ने कहा कि कॉलेजों-विश्वविद्यालयों के साहित्यिक विभागों के साथ फिल्म अध्ययन केंद्र स्थापित किए जाने चाहिएं, जैसे कि दुनिया के तमाम महत्त्वपूर्ण विश्वविद्यालयों में स्थापित किए गए हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि सिनेमा के बारे में गंभीर अध्ययन एवं शोध शुरू किया जाना चाहिए।

समापन समारोह में डीएवी कॉलेज फॉर गर्ल्स की प्रिंसिपल डॉ सुषमा आर्य ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन कॉलेज की अंग्रेजी विभाग की प्राध्यापिका श्रीमती विनीत ने किया। इस अवसर पर कोर्स के प्रतिभागियों में से विक्रांत, विकास, आकाश और स्वाति यादव ने फेस्टिवल से जुड़े अपने अनुभव सुनाए।

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धन्‍यवाद पत्र

29 दिसम्‍बर 2008

प्रिय डॉ.  सुषमा आर्य जी,
नमस्‍कार।


प्रथम हरियाणा अंतरराष्‍ट्रीय फिल्‍म समारोह' 2008 के सफल आयोजन में आपके कुशल नेतृत्‍व और आपकी टीम के प्रशंसनीय कार्यों की मैं सराहना करता हूं। कार्य के प्रति समर्पण भाव और जज्‍बे को मैं शब्‍दों में उतनी अच्‍छी तरह बयां नहीं कर पा रहा हूं, जितने बेहतर तरीके से महसूस कर पाया हूं।   विशेषत: सुश्री तनमीत, श्री संजय भारद्वाज, डॉ. उदय भान सिंह, , सुश्री सुषमा शर्मा, सुश्री पूजा मेहता, सुश्री प्रज्ञा सिंह, सुश्री रुचि सचदेवा, सुश्री रेणु सैनी, सुश्री ममता नागपाल और श्री राजीव कुमार का उल्‍लेख करना चाहूंगा कि इन सभी के सहयोग से बुलेटिन प्रकाशन का कार्य उत्‍कृष्‍ट गुणवत्‍ता का  हुआ ।


इसमें तनिक भी संदेह नहीं है कि फिल्‍म समारोहों के अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर के अनुरूप ही फिल्‍मोत्‍सव समाचार  का हिन्‍दी और अंग्रेजी के द्विभाषी रूप में प्रकाशन हुआ है। प्रकाशन और संपादन से जुड़े सर्व/श्री संगम पांडेय,  अभिषेक कश्‍यप और रिपोर्टर्स निधि गुप्‍ता, मीनाक्षी सोनी, इश्‍ना जहीर, पूनम अग्रवाल, छवि अरोड़ा तथा नुपूर शर्मा का कार्य काबिले तारीफ रहा। इसके अतिरिक्‍त सुश्री शिवानी, श्री सुनील दत्‍त, श्री राकेश, श्री कपिल बत्रा, श्री अनिल और उन सभी लोगों के प्रति मैं आभार प्रकट करता हूं, जिनसे मैं मिला तो सही, परंतु उनका नाम नहीं जान पाया, कुछ का नाम मैंने जाना भी परन्‍तु मेरा दुर्भाग्‍य कि मुझे स्‍मरण नहीं रहा लेकिन इन्‍हें मैं कभी भूल नहीं सकता, इसमें आपके कॉलेज के नॉलेज देने वाले प्राध्‍यापकों ओर हॉस्‍टल इत्‍यादि में व्‍यवस्‍था एवं प्रबंध से जुड़े सभी प्रेमीजन शामिल हैं जिन्‍होंने मेरी ही नहीं अपितु समस्‍त उपस्थित अतिविशिष्‍ट, विशिष्‍ट एवं प्रत्‍येक मेहमान की आवभगत करके एक नया कीर्तिमान बनाया है।


इस सबका श्रेय आपके द्वारा  समूची टीम में आपके विश्‍वास को ओर उनकी आपके प्रति अटूट आस्‍था को जाता है। इसी विश्‍वास के बल पर अंतरराष्‍ट्रीय फिल्‍म समारोह जैसा यह भव्‍य आयोजन बिना तनाव की नाव में सवार हुए सहज भाव से सफलतापूर्वक संपन्‍न हुआ।


समारोह निदेशक श्री अजित राय की सुपरिचित, अनुभवी और सुचारू कार्यप्रणाली की बदौलत यह प्रथम अंतरराष्‍ट्रीय फिल्‍म समारोह विश्‍वस्‍तर का अविस्‍मरणीय समारोह बन गया है। इसे यादगार बनाने में प्रख्‍यात सिनेमा व कला समीक्षक श्री विनोद भारद्वाज और समारोह में शामिल सभी छात्र, छात्राओं और प्रतिनिधियों का भी महती योगदान है।


मेरी दिली शुभकामनायें आप सभी के साथ सदैव  हैं।



अविनाश वाचस्‍पति
साहित्‍यकार सदन, 195 सन्‍त नगर, नई दिल्‍ली 110065 ई मेल avinashvachaspati@gmail.com मोबाइल 09868166586

ब्‍लॉग पता http://avinashvachaspati.blogspot.com

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