आत्महत्या करूं मैं क्या
>> बुधवार, २० अगस्त २००८
आत्महत्या
करूं मैं क्या
कूद कूद कर
कहां पर कूदूं
कि उछल उछल
जाऊं
ऐसा करूं
छल
कि पकड़ में
न आऊं
सब बरबस
देखते रह जायें
और मैं
देख भी न पाऊं
कीबोर्ड का खटरागी
आत्महत्या
करूं मैं क्या
कूद कूद कर
कहां पर कूदूं
कि उछल उछल
जाऊं
ऐसा करूं
छल
कि पकड़ में
न आऊं
सब बरबस
देखते रह जायें
और मैं
देख भी न पाऊं
Hindustan ePaper
20 अगस्त 2008 के दैनिक हिन्दुस्तान में बोलो फोटो स्तंभ में प्रकाशित चित्र पर आपकी प्रतिक्रियाएं अपेक्षित है।
इंसान आत्महत्या क्यों करता है
उस समय उसकी मन:स्थिति क्या हो जाती है
यह प्रवृत्ति ठीक तो नहीं है
परन्तु यह प्रवृत्ति मन में क्यों जन्म लेती है
मन अवसादग्रस्त क्यों हो जाता है
क्या डिप्रेसन ही अवसाद है
जानकारी चाहिये
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