आत्महत्या करूं मैं क्या
>> Wednesday, August 20, 2008
आत्महत्या
करूं मैं क्या
कूद कूद कर
कहां पर कूदूं
कि उछल उछल
जाऊं
ऐसा करूं
छल
कि पकड़ में
न आऊं
सब बरबस
देखते रह जायें
और मैं
देख भी न पाऊं
कीबोर्ड का खटरागी
आत्महत्या
करूं मैं क्या
कूद कूद कर
कहां पर कूदूं
कि उछल उछल
जाऊं
ऐसा करूं
छल
कि पकड़ में
न आऊं
सब बरबस
देखते रह जायें
और मैं
देख भी न पाऊं
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12 टिप्पणियाँ:
मैं महंगाई हूं
आप प्रसन्न होंगे
गर मैं आत्महत्या करती हूं
ऐसा काम ना करे . कम से कम १० सेकुलरो को साथ ले जाये तो आप शहीद बन जायेगे :)
पहला नाम आपका जोड़ दिया है
क्योंकि जो टांग अड़ाता है
उसका नाम पहला ही आता है
दूसरा आप सुझायें
तीसरा दूसरा सुझायेगा
और इसी तरह 10 तो कम हैं
तालिका 1000 तक पहुंच ही जाएगा
फिर शहीद घाट का प्लान भी बन सकेगा
सरकार न जाने कितने एकड़ दे देगी
दिल्ली के दिल में जगह।
अपने साथ मुझे भी ले चलना बन्धु.....
शुभयात्रा!! आप सबको!
जल्दी जल्दी अपने मित्रों का नाम लिखायें
जब शहीद घाट की रजिस्ट्री होगी
तो उसमें सबका नाम दर्ज कराया जायेगा
अपने मित्रों को भी इस सुअवसर का लाभ
उठाने के लिए प्रेरित करें।
अर्रे आत्महत्या ना महंगाई को ही करने दिजीये, खाले पीली मे हम अपनी जान क्यों गँवाये, और फिर महँगाई के मरने के बाद तो हमारे पास जीने के १०० बहाने मिल जायेंगे.. इसलिये मै प्रोत्साहित करती हूँ
महँगाई तुम आओ
लो रस्सी,फाँसी पर लटक जाओ
तुम्हारे पिछे मै भी आती हूँ
पर अभी नही सौ साल बाद
क्योंकि तुम्हारे बाद
हम हो जायेंगे आबाद :)
well said...
mahangaayi agar aatmhatya karle to phir baat hi kya hai..lekin koi ye to sujhaaye ki wo bhala kyon aatmhatya kare..koi wajah to ho. :)
आजकल तो हम भी यही सोच रहे थे।
उड़न तश्तरी पर होकर सवार
चलें सारे ब्लॉगर यार
पहले घूमेंगे
फिर झूमेंगे
उसके बाद भी दिल किया
तब ही कूदेंगे
पर आपस में है इतना प्यार
कोई किसी को धक्का नहीं देगा यार
उड़नतश्तरी पर होकर सवार
चलेंगे सारे (नहीं) सिर्फ इच्छुक
ब्लॉगर्स यार
कर ले कर ले कर ले
प्यार।
Na na bandhu, fir wicharon ka thela kaun lagayega.
जब मैंने पहली बार आत्महत्या की थी तो कोई कुछ नहीं बोला।
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